शिव मन्दिर (नई का नाथ ) बांसखो
Nainath Maharaj Ka Itihash शिव मन्दिर बांसखो:- जयपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित बांसखो नामक गाँव मैं शिव मन्दिर बना हुआ है करीब 350 साल पहले की कहानी मानी जाती है , इस मन्दिर मैं शिव लिंग पर जायदा चर्चा हुई है जो की यह मामूली लिंग नही बल्कि शिव भगवान का था राजा के तीन रानियों थी तीनो को संतान की उत्पति नही हुई थी ऐसे मैं एक रानी के सपने मैं शिवजी आये और उसके बाद तीनो रानियों ने मिलकर जंगल मैं एक बाबा बालवनाथ के नाम से रहते थे तीनो रानिया बाबा से शिव की पूजा के बारे मैं जानकारी ली उसके बाद तीनो रानियों मैं से जो सबसे छोटी rani थी उसके मन मैं भगवान शिव की पूजा करने का निर्णय लिया ,धीरे – धीरे शिव की पूजा अर्चना चालू कर दिया छोटी रानी ने हर माह की अमावस्या के पूर्व चतुर्दसी को जंगल मैं बना प्राचीन शिव मन्दिर पूजा और वर्त करने लग गयी और रोज शाही सवारी के साथ भगवान शिव के मन्दिर मैं आरती पूजा अर्चना करके आती उसको अंदाज को देखने के लिए लोगो की भीड़ जमा होने लगती थी कुछ दिनों बाद शिव की पूजा अर्चना करने के बाद छोटी रानी को एक संतान की प्राप्ति हुई रानी नई नवेली थी . रानी का विवाह हुआ ही था इसलिए उस छेत्र मैं लोगो का कहा जाने लगा की नई पर नाथ की कृपा हुई है (बालवनाथ )की कृपा हुई ,
नई का नाथ मेला NAI KA NATH MELA
इस मन्दिर मैं हिंदी महीनो के आनुसार श्रवण माश के महीने में एक महिने तक मेला लगता है शिव मन्दिर के पास बालवनाथ बाबा का धुणा बना हुआ है वहा बाबा बालवनाथ के चरणों की पूजा होती है इस मन्दिर मैं हर महीने अमावस्या के एक दिन पहले चतुदर्शी को मेले का आयोजन होता है नई नाथ शिव मन्दिर साल मैं 2 बार शिवरात्रि को श्रवण मैं विशाल मेलो का आयोजन होता है इन दिनों मैं लाखो की संक्या मैं लोग इस मन्दिर की सोभा बनाते है आयोजन मैं भाग लेकर यहाँ इस मन्दिर की चर्चा बहुत है ,श्रवण मास के महीने मैं 1 महीने तक शिवमंदिर मैं कावड लेके आते है शिव को नहलाने के लिए दूर -दूर से हरिद्वार से गलता जी जयपुर से पारासर मन्दिर से अमरती भरके लाते है नगे पांव धूम धाम से और भगवान शिव जी के चडाते है अपने मन शांति के लिए सब कुछ न कुछ करते है भगवान को राजी करने के लिए ,
मन्दिर का नजारा MANDIR KA NAJARA
भगवान शिव मन्दिर श्रवण मास के महीने मैं मन मोहक लेता है जिसके कारण यहाँ लोग दूर – दूर से आनदं लेने आते है क्योकि शिव मन्दिर चारो और से पहाडियों से घिरा हुआ है और हरियाली चारो और महक लुभा रही है नई का नाथ मन्दिर राजस्थान मैं अपनी अलग ही छवि बना रखी है इस मन्दिर मैं दूर -दूर तक पहाड़ी इलाका है इस मन्दिर मैं रात को डरावनी सी जगह लगती है भगवान हमेसा से किसी को परेशानी मैं नही डालता सबको साथ देता है
शिव मन्दिर प्रसाद एंड भोग SHIV MANDIR PRASAD AND BHOG
नई नाथ शिव मन्दिर मैं बहुत ही स्वादिस्ट प्रसाद बना कर भोग लगाया था है जैसे मणमणए चूरमा बाटी दाल , आदि का भोग लगाया जाता है जिसके कारण नई नाथ महाराज की कृपा इतनी है Nainath Maharaj Ka Itihash शिव मन्दिर बांसखो की सभी की मनोकामना पूरी हो जाती है इस मन्दिर परिसर मैं गाँव के लोगो मैं जागरूकता है परिसर को कबी आकेला नही छोड़ा हमेसा से प्रथा को चलाते आये है मंदिर के जो पास मैं गाँव है वो मन्दिर की पूजा अर्चना आज भी करते है हर समय मन्दिर मैं 200 से जायदा लोग मिलेंगे
मन्दिर की महत्वपूर्ण बाते
यहाँ बाबा के सवामानी भी होती है प्रसादी मैं चूरमा बाटी दाल बनाई जाती है सवामनी करने के लिए अलग अलग धर्मशाला बनाई हुई है समाज के आनुसार ताकि लोगो का जायदा जमावड़ा न रहे इस मन्दिर के पास छोटे छोटे और भी बहत सारे मन्दिर बने हुए है मन्दिर को नजारा देखने लायक है
निकटतम घुमने लायक जगह NIKATTAM MANDIR
नई का नाथ मन्दिर ,माधोगढ का किला ,धुला रॉव जी का मैदान , श्री कल्याण जी महाराज का मन्दिर बैनाडा धाम ,गोनेर श्री लक्ष्मी महारज मन्दिर आदि घुमने लायक जगह बनी हुई है