Prem Mandir Ki jankari प्रेम मंदिर वृंदावन की जानकारी

By | May 15, 2021
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प्रेम मंदिर वृंदावन

Prem Mandir Ki jankari प्रेम मंदिर वृंदावन की जानकारी :- प्रेम मंदिर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के समीप वृंदावन में स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मन्दिर के रूप में करवाया गया है। बाहर से देखने में यह जितना भव्य लगता है, उतना ही अंदर से भी देखने में लगता है। यह मंदिर सफेद इटालियन संगमरमर से बनाया गया है। इसमें प्राचीन भारतीय शिल्पकला की झलक भी देखी जा सकती है। जैसे ही आप मंदिर के अंदर अपने कदमों को रखते हैं तो आप को एक अलग सा प्रतीत होता है चारों तरफ राधा कृष्णा और उनकी दिव्य छवियाँ आकर्षित करती है जहां उनके बचपन के बारे में दर्शया  गया है, माँ यशोदा नंदबाबा ग्वाल बाल सखियों के साथ अद्भुत प्रतिमाये है बस इतना ही नहीं श्री कृष्ण भगवान की गोपियों के साथ रासलीला  करते हुए और जब बाल कृष्ण ने गोवर्धन को अपने कनिष्ठ उंगली पर उठाया था और सभी ब्रज वासियो की इंद्र भगवन के कोप से रक्षा की थी  उसकी भी अद्भुत दृश्य को दर्शया गया है।

Prem Mandir Ki jankari प्रेम मंदिर वृंदावन की जानकारी

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वृन्दावन की स्थापना कब हुई

बांके बिहारी मंदिर भारत में मथुरा जिले के वृंदावन धाम में रमण रेती पर स्थित है। यह भारत के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। बांके बिहारी कृष्ण का ही एक रूप है जो इसमें प्रदर्शित किया गया है। इसका निर्माण १८६४ में स्वामी हरिदास ने करवाया था।

मथुरा में कौन कौन से मंदिर है

कृष्ण जन्मभूमि नाम से ही पता चल रहा होगा यह भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है यह मंदिर उस कारागार के बाहर बना हुआ है जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। …
1.द्वारकाधीश मंदिर …
2.कंस किला …
3.मथुरा संग्रहालय …
4.गोवर्धन पर्वत …
5.कुसुम सरोवर …
6.बांके बिहारी मंदिर …
इन मंदिरों में भी जाएं

प्रेम मंदिर किसका है

प्रेम मंदिर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के समीप वृंदावन में स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मन्दिर के रूप में करवाया गया है। प्रेम मन्दिर का लोकार्पण 17 फरवरी को किया गया था। इस मन्दिर के निर्माण में 11 वर्ष का समय और लगभग 100 करोड़ रुपए की धन राशि लगी है।
Prem Mandir Ki jankari प्रेम मंदिर वृंदावन की जानकारी

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कृष्ण मथुरा में कितने वर्ष रहे

मथुरा भगवान की जन्मस्थली रही है इसलिए यहां पर हर साल जन्माष्टमी का आयोजन धूमधाम से मनाया जाता है। देश विदेशों से भक्त यहां भगवान के जन्मोत्सव का आनंद लेने पहुंचते हैं और उनके दर्शन कर अभिभूत होते हैं। इस बार भगवान कृष्ण 5246 वर्ष के हो जाएंगे।

वृंदावन क्यों प्रसिद्ध है

वृंदावन वह जगह है जहां भगवान कृष्ण का बचपन गुजरा। जहां उन्होंने गोपियों संग रास किया। कृष्ण भारत में आनंद के देवता भी हैं और जीवन में उमंग लाने वाले देवता भी। यही कारण है कि वृंदावन में प्रवेश करते ही यहां के कण-कण में भक्ति और प्रेम का अहसास होने लगता है

वृंदावन में कौन सी नदी है

यमुना नदी के किनारे बसा केसी घाट वृंदावन का सबसे आकर्षक पर्यटन स्‍थल है।

भगवन श्री कृष्ण ने मथुरा में किसका उद्धार किया

कुब्जा का उद्धार श्रीकृष्ण उसके पैरों के दोनों पंजों को अपने पैरों से दबाकर हाथ ऊपर उठवाकर ठोड़ी को ऊपर उठाया, इस प्रकार कुब्जा का कुबड़ापन ठीक हो गया। अब वह श्रीकृष्ण के माथे पर चंदन का टीका लगा सकी। कुब्जा के बहुत आमन्त्रित करने पर कृष्ण ने उसके घर जाने का वचन देकर उसे विदा किया।

Prem Mandir Ki jankari प्रेम मंदिर वृंदावन की जानकारी

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वृंदावन में कौन कौन से मंदिर है 

यहाँ श्री राधारमण, श्री राधा दामोदर, राधा श्याम सुंदर, गोपीनाथ, गोकुलेश, श्री कृष्ण बलराम मन्दिर, पागलबाबा का मंदिर, रंगनाथ जी का मंदिर, प्रेम मंदिर, श्री कृष्ण प्रणामी मन्दिर, अक्षय पात्र, निधि वन आदि दर्शनीय स्थान है। यह कृष्ण की लीलास्थली है।

प्रेम मंदिर का समय 

5:15 a.m. – जागरण पद
5:30 a.m. – दर्शन और राधा कृष्ण आरती, श्री राम स्तुति
6:30 a.m. – भोग अर्पण करना और गीत गाना
8:30 a.m. – दर्शन और आरती
11:45 a.m.- आरती
12:00 p.m – पट बंद
4:30 p.m. – दर्शन और आरती
5:30 p.m. – भोग चढ़ाना और गीत गाना
7:00 p.m. – Lighted म्यूजिकल फाउंटेन का प्रदर्शन
8:00 p.m. – आरती
8:15 p.m. – शयन पद
8:30 p.m. – बंद

अगर आप प्रेम मंदिर वृंदावन को देखने का प्लान बना रहे है तो लोकेशन पर क्लिक करे आपको प्रेम मंदिर वृंदावन तक पहुचाने मैं सहयता प्रधान करेगा
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